अगर आपने 6 बातों को अपना लिया तो IAS बनने से कोई रोक नहीं सकता !



अगर आपको परीक्षा का डर सताता है तो शिवा ठाकुर शिवा जी का ये लेख आपके लिए ही है. शिवा जी ने अपनी फेसबुक वॉल पर साथियों की मदद के लिए ये लेख लिखा है. हम उनके फेसबुक वॉल से साभार लेकर इस लेख को पोस्ट कर रहे हैं ताकि लाखों छात्र जो परीक्षा के नाम से डरते हैं, उन्हें सही मार्गदर्शन मिल सके. हमें यकीन ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि अगर आपने शिवा जी के इन प्रैक्टिकल सुझाव को माना तो दुनिया की कोई ताकत आपको किसी भी परीक्षा में कामयाब होने से नहीं रोक सकती है. आपकी सहुलियत के लिए नीचे हम शिवा जी का अद्भुत लेख हू-ब-हू पेश कर रहे हैं ताकि आप उसे उसी भाव और अर्थ में समझ सके.


Shiva Thakur Shiva to 

रिवीजन ही है सफलता की कुंजी
अच्छी से अच्छी तैयारी के बावजूद भी परीक्षा का समय परेशानी भरा हो सकता है। जो टालमटोल के आदी हैं, उनकी तो खैर बात ही क्या! एक बात और जान लीजिए - यह जो परेशानी है, जो डर है, यह इंसानी भावना है। मतलब अगर आप को डर लगता है तो इससे घबराने जैसी कोई बात नहीं, बल्कि खुश हो जाइए यह जानकर कि आप एक सामान्य इंसान हैं। इसके अलावा, डर हमें बहुत ही अच्छे तरीके से प्रेरित भी करता है। मतलब स्पष्ट है - अपने डर से दूर ना भागें, इस पर मेहनत करें। परीक्षा से पहले के डरको भी ठीक इसी संदर्भ में देखें। इससे दूर भागने का कोई फायदा नहीं, बल्कि इस पर मेहनत करके सफलता जरूर पाई जा सकती है। परीक्षा से पहले डर और परीक्षा के बाद सफलता के बीच एक कड़ी होती है, जिसका नाम है - रिवीजन। यह उस चिड़िया का नाम है, जो आपकी कमजोरियों को कम और मजबूती को और मजबूत करती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रिवीजन का भी एक स्टैंडर्ड होता है और इसे स्टेप-बाइ-स्टेप ही किया जाना चाहिए! आपकी सफलता के लिए हम लेकर आए हैं रिवीजन गाइडलाइंस... पढ़ें, इसके अनुसार ढलें और सफल हों :
1. सबसे पहले और सबसे अहम - अपने सिलेबस को ध्यान में रखें। कहने का मतलब है कि अगर आपको सिलेबस के बारे में पता नहीं होगा तो तैयारी किस आधार पर कर पाएंगे। तो सबसे पहले इसका पता लगाएं कि वास्तव में आपको पढ़ना क्या है। पढ़ना कैसे है, यह दूसरे चरण की बात है।
2. ध्यान केंद्रित करें, खुद को सुनियोजित करें। खुद की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक टाइम-टेबल बनाएं। चाहे आपकी परीक्षा एक महीने में हो, एक सप्ताह में हो या कुछ दिन में हो... चाहे जितना भी समय आपकी परीक्षा में बचा हो, उसका सदुपयोग आप खुद को सुनियोजित करके ही कर सकते हैं। इसलिए एक टाइम-टेबल बनाएं और उसका अनुसरण करें।
3. जितनी भी बातें ऊपर कही गई हैं, उन सब को जानने के बावजूद कुछ "सुनियोजित लोग" बहुत ही छोटी-मोटी गलतियां कर बैठते हैं। उदाहरण के लिए, एक दिन किसी भी कारण से यदि आप अपने नियमित अध्ययन से चूक जाते हैं तो यह कभी मत सोचिए कि “आज का दिन तो बेकार चला गया, अब मैं कल पढ़ूंगा”। कड़वा लेकिन सत्य कि वह कल कभी नहीं आता। किसी काम के लिए लचीला होना उतना ही जरूरी है, जितना कि उसके लिए सुनियोजित होना।
4. आपने क्या सीखा, इस बारे में अपने साथियों के साथ चर्चा करें। हो सकता है कि चर्चा के दौरान आप एक-दो बात और सीख जाएं, हो सकता है कि आप उन्हें कुछ सिखा दें। लेकिन यह याद रखें कि परीक्षा से 5 मिनट पहले किसी भी टॉपिक पर चर्चा न करें; इससे फायदा तो कुछ नहीं ही होगा, हां आप नर्वस जरूर हो जाएंगे।
5. अब जबकि आप सही मायने में रिवीजन कर रहे हैं तो पिछले वर्ष के पेपरों को जरूर सॉल्व करें। ऐसा इसलिए क्योंकि रिवीजन के साथ-साथ अगर आपको परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों की संरचना का भी पता हो तो फिर सफलता आपके और नजदीक आ जाएगी।
6. अंतिम लेकिन बहुत ही महत्वपूर्ण बात - परीक्षा वाले दिन मूर्खतापूर्ण मानवीय गलतियों से बचें। समय पर उठें, परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचे। सुनिश्चित कर लें कि आपके पास सभी जरूरी दस्तावेज और परीक्षा संबंधित सामान हैं। परीक्षा पर ध्यान दें न कि परीक्षक को मात देने की कोशिश करें। दूसरों की सहायता करने की कोशिश ना करें, परीक्षा में आप अपनी सहायता कर लें, वही काफी है।
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