Friday, 24 February 2017

IAS बनने का शानदार मौका, 980 पदों के लिए करें आवेदन

CIVIL SERVICES (PRELIMINARY) EXAM 2017
दोस्तों दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा यानी Civil Services (जिसे आम भाषा में IAS की परीक्षा भी कहते हैं) का Form आ गया है. अगर आप हिन्दुस्तान के सबसे बड़े नौकरशाह बनना चाहते हैं तो आपके लिए इससे अच्छा मौका दोबारा नहीं आएगा. UPSC ने 980 पदों के सापेक्ष आवेदन मांगा है. अगर आप ग्रेजुएशन कर चुके हैं तो आप इस परीक्षा में शामिल होकर किस्मत आजमा सकते हैं.
HOW TO APPLY(कैसे करें आवेदन?)
वो उम्मीदवार जो IAS 2017 के लिए आवेदन करना चाहते हैं वो सिर्फ Online आवेदन कर सकते हैं. Online आवेदन के लिए आप UPSC की वेबसाइट www.upsconline.nic.in पर जाकर Apply कर सकते हैं.
LAST DATE FOR APPLICATION (आवेदन की अंतिम तारीख)
Online Application 17 March 2017 को शाम 6.00PM तक स्वीकार्य किए जाएंगे. आवेदन पत्र भरने के बाद प्रारंभिक परीक्षा से तीन हफ्ते पहले सभी आवेदनकर्ता (जिन्होंने पूरा फॉर्म सही से भरा होगा) को E-Admission Certificate जारी किया जाएगा. आवेदनकर्ता एडमिट कार्ड UPSC की वेबसाइट www.upsc.gov.in से download कर सकते हैं. एडमिट कार्ड डाक पोस्ट से नहीं भेजे जाएंगे.
AGE LIMITS (उम्र की सीमा)
परीक्षा के लिए समान्य वर्ग के वो उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिनकी उम्र 1 अगस्त 2017 को 21 साल से 32 साल के बीच हो. यानी जिन उम्मीदवारों का जन्म 2 अगस्त 1985 के बाद और 1 अगस्त 1996 से पहले हुआ है वो ही आवेदन कर सकते हैं.
SC उम्मीदवारों को उम्र सीमा में 5 साल की छूट मिलेगी यानी इस ग्रुप से आनेवाले उम्मीदवार 37 साल की उम्र तक आवेदन कर सकते हैं. जबकि OBC उम्मीदवार को अधितम 3 साल की छूट उम्र में दी जाएगी. यानी OBC वर्ग के उम्मीदवार 35 साल की उम्र तक आवेदन कर सकते हैं.
EDUCATION QUALIFICATIONS (शैक्षिक योग्यता)
किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्याल से ग्रेजुएट उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. अगर आप ग्रेजुएशन के आखिरी साल में हैं और उम्र की सीमा पूरी करते हैं तो आवेदन कर सकते हैं.
 NUMBER OF ATTEMPS (किसने प्रयास कर सकते हैं)
जो भी उम्मदवार इस परीक्षा में बैठना चाहते हैं उन्हें अधिकतम 6 बार इस परीक्षा को देने का मौका मिलेगा. अगर आप Form भर देते हैं और परीक्षा में नहीं बैठते हैं तो आपका अटेम्प्ट नहीं गिना जाएगा. यानी सिर्फ परीक्षा में बैठने पर ही अटेम्प्ट गिना जाएगा.
SC/ST उम्मीदार के लिए अटेम्प्ट की कोई सीमा नहीं है. यानी 21 साल से 37 साल की उम्र में वो 16 बार परीक्षा में बैठ सकते हैं. जबकि OBC उम्मीदवार 9 बार इस परीक्षा को दे सकते हैं.
FEE (परीक्षा शुल्क)
SC, ST, PH Candidates (दिव्यांग) और महिला उम्मीदवारों को आवेदन शुक्ल नहीं देना है. जबकि दूसरे कैटेगरी के उम्मीदवारों को 100 रुपए आवेदन शुक्ल जमा करना है.
 NOTE:-आवेदन करने से पहले UPSC द्वारा जारी किया गया नोटिफिकेशन अच्छी तरह से जरुर पढ़ लें क्योंकि छोटी सी गलती आपका करियर चौपट कर सकती है. नोटिफिकेशन का Link नीचे दिया हुआ है.
Date of Notification
22/02/2017
Date of Commencement of Examination
18/06/2017
Duration of Examination
One Day
Last Date for Receipt of Applications
17/03/2017 - 6:00pm
Date of Upload
22/02/2017
Download Notification


NOTE:-दोस्तों IAS बनना हिन्दुस्तान के करीब 99 फीसदी छात्रों का सपना होता है. लेकिन गांव, दूर-दराज के क्षेत्रों में रहनेवाले छात्रों को इस परीक्षा के नोटिफिकेशन के बारें में पता ही नहीं चल पता. अगर आप ऐसे किसी छात्र को जानते हैं तो उसे जरुर बताएं. इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें. अगर आप किसी ग्रुप से जुड़े हैं तो वहां पर जरुर शेयर करें. आपका एक शेयर किसी को IAS बना सकता है.

Thursday, 23 February 2017

UP PCS 2017 के लिए कैसे करें Apply, जाने पूरी प्रक्रिया, 27 March Last Date

दोस्तों जिसका था आप सभी को इंतजार वो घड़ी आ गई है. सालभर के इंतजार के बाद आखिरकार वो पल आ ही गया जब आप अपनी सपनों की नौकरी के लिए पहला और सबसे अहम कदम उठाएंगे. UTTAR PRADESH Public Service Commission, Allahabad ने काफी इंतजार के बाद PCS की वेकेंसी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. कुल 251 वेकेंसी के लिए आप 22 फरवरी 2017 से 27 March तक आवेदन कर सकते हैं. हां एक बात याद रखें कि रजिष्ट्रेशन और फीस जमा करने की अंतिम तारीख 22 March 2017 है.

आपको सलाह दी जाती है कि Online Form भरने से पहले कम से दो बार अच्छी तरह से Advertisement को पढ़ लें.  आपकी सहुलियत के लिए हम Hindi और English Advertisement का Link यहां पर दे रहे हैं.



इस Link पर आपको वेंकेसी से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जाएगी. आवेदन करने की प्रक्रिया के साथ ही आपको UP PCS EXAM 2017 Syllabus भी मिल जाएगा.

आवेदन से जुड़ी Important information को नीचे Point wise दे रहे हैं. ध्यान से उसे जरुर पढ़ें ताकि आवेदन में कोई गलती ना हो. क्योंकि अगर आपने एक छोटी-सी गलती की तो सालभर फिर से आपको सिर्फ Form भरने के लिए इंतजार करना पड़ेगा.

  • बैंक में शुल्क जमा करने की अन्तिम तिथि तक अभ्यर्थियों द्वारा शुल्क जमा करने की ही दशा में उनका आन लाइन आवेदन स्वीकार होगा.
  • निर्धारित अन्तिम तिथि के बाद किसी बैंक में शुल्क जमा किया जाता है तो अभ्यर्थी का आन लाइन आवेदन स्वीकार नहीं होगा तथा जमा किया गया शुल्क किसी दशा में वापस नहीं होगा. 
  • निर्धारित अन्तिम तिथि तक शुल्क बैंक में जमा करना तथा निर्धारित अन्तिम तिथि तक आवेदन 'Submit' करने का दायित्व अभ्यर्थी का है.
  • Online आवेदन हेतु अभ्यर्थियों को निर्धारित कालम में अपना Mobile Number देना होगा जिसके बिना उनका Basic Registration पूरा नहीं होगा. इसी Mobile No पर भविष्य में सभी सूचनाएं/निर्देश SMS के जरिए भेजा जायेंगा.
  • इस विज्ञापन में आवेदन करने हेतु आन-लाइन’ आवेदन पद्धति (ON-LINE APPLICATION SYSTEM) लागू है. अन्य किसी माध्यम से प्रेषित आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे. इसलिए आप लोग सिर्फ आन-लाइन आवेदन ही करें.
Online आवेदन कैसे करें?

UP PCS 2017 के लिए आपको Online आवेदन तीन चरणों में करना होगा. 

पहला चरण:- 
Apply click करने पर परीक्षा के सापेक्ष 'Candidate Registration' प्रदर्शित होगा तथा 'Candidate Registration' Click करने पर Basic Registration Form प्रदर्शित होगा. Basic Registration Form भरने के पश्चात् Submit बटन पर Click करने से पूर्व अभ्यर्थी भरी गई सूचनाओं को अच्छी तरह से चेक कर लें. यदि कोई संशोधन करना हो तो 'Click here to modify' पर क्लिक करें। भरी गई सूचनाओं से सन्तुष्ट होने के पश्चात् 'Submit Application' पर Click करें, जिसके फलस्वरूप प्रथम चरण का पंजीकरण पूर्ण हो जायेगा. इसके बाद 'Print Registration Slip' प्रदर्शित होगी, जिस पर click करके Registration Slip की Print प्राप्त कर लें.

दूसरा चरण:-
Screen पर 'Click here to proceed for payment' कैप्शन के साथ 'Fee to be deposited [in INR]' प्रदर्शित होगा. इस कैप्शन पर Click करने के बाद स्टेट बैंक MOPS (Multi option Payment System) का Home Page आएगा जिस पर Fee के तीन माध्यम (Mode) प्रदर्शित होंगे.

(i) NET BANKING 
(ii) CARD PAYMENTS 
(iii) OTHER PAYMENT MODES 

किसी एक माध्यम द्वारा निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा करने के पश्चात् “Payment Acknowledgement Receipt (PAR)” प्रदर्शित होगी जिसमें परीक्षा शुल्क जमा करने का पूरा विवरण अंकित रहेगा, इसकी प्रिन्ट 'Print Payment Receipt' पर क्लिक करके प्राप्त कर लें.

तीसरा चरण:-
दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात् 'Proceed for final submission of application form (Part-2)' पर क्लिक करने पर ‘फार्मेट‘ प्रदर्शित होगा. उक्त फार्मेट में आनलाइन सूचनाएं भरनी होंगी तथा फोटो व हस्ताक्षर स्कैन करके अपलोड करना होगा.
अभ्यर्थी अपनी फोटो व हस्ताक्षर निर्धारित साइज (साइज का उल्लेख आन लाइन आवेदन में निर्धारित स्थान पर होगा) में ही स्कैन करें। यह भी ध्यान रखें कि फोटो नवीनतम और सीने (Chest) तक होनी चाहिये। यदि फोटो व हस्ताक्षर निर्धारित आकार में स्कैन करके Upload नहीं किया जाता है तो आवेदन को आनलाइन सिस्टम स्वीकार नहीं करेगा. Form भरने के बाद "PREVIEW" को Click करके अभ्यर्थी अपने द्वारा भरी गई सूचनाओं को देख लें कि सभी सूचनायें सही-सही भरी गई हैं और पूरी तरह सन्तुष्ट होने के बाद ही आनलाइन आवेदन आयोग को प्रेषित करने हेतु "Submit" बटन को Click करें।
"Submit" बटन को Click करने के पश्चात् आवेदन का प्रिन्ट लेकर अभ्यर्थी इसे अपने पास सुरक्षित रखें. किसी विसंगति की दशा में उक्त प्रिन्ट आयोग कार्यालय में अभ्यर्थी को प्रस्तुत करना होगा अन्यथा अभ्यर्थी का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जायेगा. एक बार आवेदन “Submit” करने के पश्चात् उसमें कोई संशोधन नहीं किया जा सकेगा.

जिन शहरों UP PCS 2017 की प्रारम्भिक परीक्षा आयोजित की जायेगी वे निम्न प्रकार हैं:-
आगरा, इलाहाबाद, आजमगढ़, बाराबंकी, बरेली, गोरखपुर, इटावा, फैजाबाद, गाजियाबाद, जौनपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, रायबरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, वाराणसी, मैनपुरी और मथुरा।






Note:-दोस्तों इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें. ताकि शहर से लेकर गांव तक के परीक्षार्थियों तक मैसेज पहुंच सके. क्योंकि बहुत से छात्र जानकारी के आभाव में फॉर्म नहीं भर पाते हैं जबकि वो इस परीक्षा को निकाले का दम रखते हैं. सोचिए अगर ये सूचना उनतक 22 फरवरी 2017 के बाद पहुंचेगी तो उन पर क्या बीतेगी? ज्यादा से ज्यादा मदद कीजिए सभी Groups में ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए.

UP PCS 2017 के लिए कैसे करें Apply, जाने पूरी प्रक्रिया, 27 March Last Date

दोस्तों जिसका था आप सभी को इंतजार वो घड़ी आ गई है. सालभर के इंतजार के बाद आखिरकार वो पल आ ही गया जब आप अपनी सपनों की नौकरी के लिए पहला और सबसे अहम कदम उठाएंगे. UTTAR PRADESH Public Service Commission, Allahabad ने काफी इंतजार के बाद PCS की वेकेंसी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. कुल 251 वेकेंसी के लिए आप 22 फरवरी 2017 से 27 March तक आवेदन कर सकते हैं. हां एक बात याद रखें कि रजिष्ट्रेशन और फीस जमा करने की अंतिम तारीख 22 March 2017 है.

आपको सलाह दी जाती है कि Online Form भरने से पहले कम से दो बार अच्छी तरह से Advertisement को पढ़ लें.  आपकी सहुलियत के लिए हम Hindi और English Advertisement का Link यहां पर दे रहे हैं.
For Hindi Click

For English Click

इस Link पर आपको वेंकेसी से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जाएगी. आवेदन करने की प्रक्रिया के साथ ही आपको UP PCS EXAM 2017 Syllabus भी मिल जाएगा.

आवेदन से जुड़ी Important information को नीचे Point wise दे रहे हैं. ध्यान से उसे जरुर पढ़ें ताकि आवेदन में कोई गलती ना हो. क्योंकि अगर आपने एक छोटी-सी गलती की तो सालभर फिर से आपको सिर्फ Form भरने के लिए इंतजार करना पड़ेगा.


  • बैंक में शुल्क जमा करने की अन्तिम तिथि तक अभ्यर्थियों द्वारा शुल्क जमा करने की ही दशा में उनका आन लाइन आवेदन स्वीकार होगा.
  • निर्धारित अन्तिम तिथि के बाद किसी बैंक में शुल्क जमा किया जाता है तो अभ्यर्थी का आन लाइन आवेदन स्वीकार नहीं होगा तथा जमा किया गया शुल्क किसी दशा में वापस नहीं होगा. 
  • निर्धारित अन्तिम तिथि तक शुल्क बैंक में जमा करना तथा निर्धारित अन्तिम तिथि तक आवेदन 'Submit' करने का दायित्व अभ्यर्थी का है.
  • Online आवेदन हेतु अभ्यर्थियों को निर्धारित कालम में अपना Mobile Number देना होगा जिसके बिना उनका Basic Registration पूरा नहीं होगा. इसी Mobile No पर भविष्य में सभी सूचनाएं/निर्देश SMS के जरिए भेजा जायेंगा.
  • इस विज्ञापन में आवेदन करने हेतु आन-लाइन’ आवेदन पद्धति (ON-LINE APPLICATION SYSTEM) लागू है. अन्य किसी माध्यम से प्रेषित आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे. इसलिए आप लोग सिर्फ आन-लाइन आवेदन ही करें.
Online आवेदन कैसे करें?

UP PCS 2017 के लिए आपको Online आवेदन तीन चरणों में करना होगा. 

पहला चरण:- 

Apply click करने पर परीक्षा के सापेक्ष 'Candidate Registration' प्रदर्शित होगा तथा 'Candidate Registration' Click करने पर Basic Registration Form प्रदर्शित होगा. Basic Registration Form भरने के पश्चात् Submit बटन पर Click करने से पूर्व अभ्यर्थी भरी गई सूचनाओं को अच्छी तरह से चेक कर लें. यदि कोई संशोधन करना हो तो 'Click here to modify' पर क्लिक करें। भरी गई सूचनाओं से सन्तुष्ट होने के पश्चात् 'Submit Application' पर Click करें, जिसके फलस्वरूप प्रथम चरण का पंजीकरण पूर्ण हो जायेगा. इसके बाद 'Print Registration Slip' प्रदर्शित होगी, जिस पर click करके Registration Slip की Print प्राप्त कर लें.
दूसरा चरण:-
Screen पर 'Click here to proceed for payment' कैप्शन के साथ 'Fee to be deposited [in INR]' प्रदर्शित होगा. इस कैप्शन पर Click करने के बाद स्टेट बैंक MOPS (Multi option Payment System) का Home Page आएगा जिस पर Fee के तीन माध्यम (Mode) प्रदर्शित होंगे.

(i) NET BANKING 
(ii) CARD PAYMENTS 
(iii) OTHER PAYMENT MODES 

किसी एक माध्यम द्वारा निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा करने के पश्चात् “Payment Acknowledgement Receipt (PAR)” प्रदर्शित होगी जिसमें परीक्षा शुल्क जमा करने का पूरा विवरण अंकित रहेगा, इसकी प्रिन्ट 'Print Payment Receipt' पर क्लिक करके प्राप्त कर लें.

तीसरा चरण:-
दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात् 'Proceed for final submission of application form (Part-2)' पर क्लिक करने पर ‘फार्मेट‘ प्रदर्शित होगा. उक्त फार्मेट में आनलाइन सूचनाएं भरनी होंगी तथा फोटो व हस्ताक्षर स्कैन करके अपलोड करना होगा.
अभ्यर्थी अपनी फोटो व हस्ताक्षर निर्धारित साइज (साइज का उल्लेख आन लाइन आवेदन में निर्धारित स्थान पर होगा) में ही स्कैन करें। यह भी ध्यान रखें कि फोटो नवीनतम और सीने (Chest) तक होनी चाहिये। यदि फोटो व हस्ताक्षर निर्धारित आकार में स्कैन करके Upload नहीं किया जाता है तो आवेदन को आनलाइन सिस्टम स्वीकार नहीं करेगा. Form भरने के बाद "PREVIEW" को Click करके अभ्यर्थी अपने द्वारा भरी गई सूचनाओं को देख लें कि सभी सूचनायें सही-सही भरी गई हैं और पूरी तरह सन्तुष्ट होने के बाद ही आनलाइन आवेदन आयोग को प्रेषित करने हेतु "Submit" बटन को Click करें।
"Submit" बटन को Click करने के पश्चात् आवेदन का प्रिन्ट लेकर अभ्यर्थी इसे अपने पास सुरक्षित रखें. किसी विसंगति की दशा में उक्त प्रिन्ट आयोग कार्यालय में अभ्यर्थी को प्रस्तुत करना होगा अन्यथा अभ्यर्थी का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जायेगा. एक बार आवेदन “Submit” करने के पश्चात् उसमें कोई संशोधन नहीं किया जा सकेगा.

जिन शहरों UP PCS 2017 की प्रारम्भिक परीक्षा आयोजित की जायेगी वे निम्न प्रकार हैं:-
आगरा, इलाहाबाद, आजमगढ़, बाराबंकी, बरेली, गोरखपुर, इटावा, फैजाबाद, गाजियाबाद, जौनपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, रायबरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, वाराणसी, मैनपुरी और मथुरा।

'( P.C.S. EXAMINATION - 2017 )' 
Start Date of Registration is : '22/02/2017'  
Last Date of Registration is : '22/03/2017' 
Last Date of Online Fee Deposition is : '22/03/2017'  
Last Date of Application Form submission is : '27/03/2017' 
Click here to Apply Online

Note:-दोस्तों इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें. ताकि शहर से लेकर गांव तक के परीक्षार्थियों तक मैसेज पहुंच सके. क्योंकि बहुत से छात्र जानकारी के आभाव में फॉर्म नहीं भर पाते हैं जबकि वो इस परीक्षा को निकाले का दम रखते हैं. सोचिए अगर ये सूचना उनतक 22 फरवरी 2017 के बाद पहुंचेगी तो उन पर क्या बीतेगी? ज्यादा से ज्यादा मदद कीजिए सभी Groups में ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए.

Monday, 20 February 2017

खुशखबरी ! आ गई UP PCS 2017 की वेकेंसी, 22 फरवरी से करें Apply

UP PCS Notification 2017 in Hindi.
आखिरकार उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने सबकुछ क्लियर कर दिया है. साल 2017 के लिए होने जा रही PCS की परीक्षा पुराने पैटर्न पर ही होगी. एक प्रकार से ये सही फैसला भी है क्योंकि नए पैटर्न पर परीक्षा के लिए छात्रों को कम से कम छह महीने का वक्त मिलना जरुरी है. PCS 2017 Notification (कमीशन के नोटिफिकेशन) के मुताबिक 22 जनवरी 2017 से आयोग की वेबसाइट पर जाकर आप प्रारंभिक परीक्षा का फॉर्म भर सकते हैं. इस बार 251 पदों के लिए आवेदन मांगा गया है. हालाकि सूत्रों के मुताबिक वेकेंसी की ये जानकारी प्रारंभिक है और इसमें और बढ़ोत्तरी की पूरी संभावनाएं हैं.

22 फरवरी 2017 से शुरु होनेवाला ऑनलाइन आवेदन 27 मार्च तक जारी रहेगा. बैंक में परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 22 मार्च है. आप सभी को यही सलाह है कि कृपया अंतिम तारीख का इंतजार नहीं करें. और शुरुआती दिनों में ही फॉर्म भर लें. क्योंकि पूर्व अनुभवों के मुताबिक अंतिम दिनों में आयोग की साइट धीमी हो जाती है. कभी फॉर्म नहीं भरता तो कभी फोटो अपलोड नहीं होती. इन सभी दिक्कतों का सामना करने से अच्छा है कि शुरुआती दिनों में ही फॉर्म भर लें. वैसे भी जिस परीक्षा की तैयारी के लिए आप सालभर से मेहनत कर रहे हैं उसके फॉर्म भरने में देरी करना किसी भी लिहाज से ठीक नहीं है.

आपको बता दें कि इस बार आयोग ने पहले ही PCS परीक्षा की तारीखों का ऐलान किया था. लेकिन सत्र सुधारने की उसकी कोशिश परवान नहीं चढ़ पाई. आयोग के मुताबिक पीसीएस की परीक्षा इस बार 19 मार्च 2017 को ही होना तय था लेकिन ऐसा हो पाना अब असंभव है क्योंकि 27 मार्च तक तो फॉर्म ही भरा जाएगा. उम्मीद है कि इस बार आयोग की प्रारंभिक परीक्षा यूपी बोर्ड परीक्षा के बाद ही पड़ेगी. लिहाजा परीक्षा मई के आखिर या फिर जून के पहले सप्ताह में हो सकती है. सही तारीखों की जानकारी हम जल्द ही आपको देंगे.

आपको बता दें कि UPPCS की ये परंपरा रही है कि वो IAS का पैटर्न ही फॉलो करता है. IAS की प्रारंभिक परीक्षा में CSAT लागू होने के बाद ही PCS की प्रारंभिक परीक्षा में CSAT लागू किया गया. इसी तरह से IAS में  CSAT को क्वालिफाइंग बनाने के बाद पीसीएस में भी CSAT को क्वालिफाइंग किया गया. लेकिन IAS की मुख्य परीक्षा के पैटर्न की तर्ज पर आयोग अबतक PCS की मुख्य परीक्षा का पैटर्न नहीं कर पाया है. इसके लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार अयोग की कार्यप्राणाली और प्रदेश सरकार की ढुलमुल नीति रही है.

फिलहाल एक बार फिर से पुराने पैटर्न पर परीक्षा होने जा रही है. माना जा रहा है कि इस पैटर्न से होने वाली ये आखिरी परीक्षा भी होगी क्योंकि आयोग की तरफ से यूपी सरकार के पास नए पैटर्न की परीक्षा का प्रस्ताव भेजा जा चुका है और यूपी में बनने वाली नई सरकार पर अब इसे लागू करने की जिम्मेदारी होगी. उम्मीद है कि सरकार किसी भी पार्टी की बने लेकिन पैटर्न बदलने में कोई अड़चन नहीं आएगी क्योंकि अमूमन सरकार आयोग के हर प्रस्ताव का मंजूरी दे देता है.

तो फिर तैयार हो जाइए PCS 2017 के महासमर के लिए. www.bookmynotes.com ने भी इस परीक्षा के लिए खास तैयारी की है. हम अब हर रोज़ आपको पीसीएस परीक्षा 2017 से जुड़ी रणनीति और नोट्स प्रस्तुत करेंगे जो आपकी कामयाबी में मददगार हो सकती हैं. बस आपको करना ये है कि अपनी पढ़ाई के साथ-साथ 15 मिनट से 30 मिनट का खाली वक्त निकालकर आप हमारी वेबसाइट से मैटर पढ़ सकते हैं. यकीन मानिए आपका फायदा ही होगा नुकसान एक भी फीसदी नहीं.

धन्यवाद
टीम BookMyNotes.

NOTE:-दोस्तों अगर आपके लिए ये खबर काम ही है तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें. आप जिस भी प्रतियोगी ग्रुप से जुड़े हों उसमें जरुर शेयर करें, ताकि सभी छात्रों का फायदा हो.

Sunday, 19 February 2017

किस धर्म के लोग कहां हैं सबसे ज्यादा, परीक्षा में जरुर आते हैं सवाल

भारत में धर्म आधारित जनगणना (Religion Based Census in India)

भारत में पहली बार व्यवस्थित तरीके से धर्म आधारित जनसंख्या की गणना 2001 से शुरु हुई. इसमें धर्म आधारित जनसंख्या, लिंगानुपात, साक्षरता, दशकीय वृद्धि दर और देश के आर्थिक गतिविधियों में सहभागिता के आधार पर आंकड़ा शामिल किया गया.

2001 की पहली धर्म आधारित जनगणना के मुताबिक देश में...

हिन्दू------------------80.5%
मुस्लिम---------------13.4%
इसाई------------------2.33%
सिक्ख----------------1.84%
बौद्ध-------------------0.8%
जैन-------------------0.4%




अगर हम दशकीय वृद्धि दर की बात करें तो इसमें 32.2% के साथ बौद्ध पहले और 29.3% के साथ मुस्लिम दूसरे नंबर पर हैं. सबसे कम जनसंख्या वृद्धि दर सिक्खों की 16.9% है. हिन्दुओं की दशकीय जनसंख्या वृद्धिदर 20% है. जबकि इसाईयों की 22.1% है.


शीर्ष पांच हिन्दू जनसंख्या वाले राज्य

राज्य            जनसंख्या करोड़ में

उत्तर प्रदेश----------------13.39
महाराष्ट्र---------------------7.78
बिहार------------------------6.90
आंध्र प्रदेश------------------6.78
पश्चिम बंगाल--------------5.81

शीर्ष तीन हिन्दू जनसंख्या वाले केंद्रशासित प्रदेश

दिल्ली----------------------------1.13 करोड़
पांडिचेरी--------------------------8.4 करोड़
चंडीगढ़---------------------------7.07 लाख

मुस्लिम जनसंख्या से जुड़े तथ्य:-

2001 की जनगणना के मुताबिक हिन्दू जनसंख्या के बाद भारत में मुस्लिमों की जनसंख्या सर्वाधिक 13.4 फीसदी है. 2001 में भारत में मुस्लिमों की जनसंख्या 13.81 करोड़ थी. इस समुदाय की सकल साक्षरता और महिला साक्षरता देश में सबसे कम है. मुसलमानों की सर्वाधिक जनसंख्या उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और असम में पाई जाती है. जबकि केंद्र शासित प्रदेशों की बात करें तो मुस्लिमों की सबसे ज्यादा जनसंख्या दिल्ली में है.

अगर हम प्रतिशत में बात करें तो मुस्लिमों की सबसे ज्यादा जनसंख्या जम्मू-कश्मीर में हैं. यहां कि 67 फीसदी जनसंख्या मुस्लिम है. जबकि लिंगानुपात में केरल में ये सबसे आगे हैं. यहां 1000 पुरुषों पर मुस्लिम महिलाओं की जनसंख्या 1082 है. साक्षरता के मामले में भी केरल के मुस्लिम सबसे आगे हैं. केरल में शिक्षा का प्रतिशत 89.4 फीसदी है. मिजोरम में मुस्लिम जनसंख्या सबसे कम 1.1 फीसदी है. हालाकि यहां पर दशकीय वृद्धि दर देश में सबसे ज्यादा 112.54 फीसदी दर्ज की गई है.

इसाई जनसंख्या से जुड़े तथ्य:-
भारत में इसाई धर्म के माननेवालों की की कुल जनसंख्या 2.40 करोड़ है. ये कुल जनसंख्या का 2.3 फीसदी है. इसाई को सर्वाधिक जनसंख्या नगालैण्ड में है. यहां की 90 फीसदी जनसंख्या इसाई है. लिंगानुपात के मामले में गोवा में इसाई अव्वल हैं. यहां पर एक हजार पुरुषों पर 1107 महिलाएं हैं. साक्षरता की बात करें तो केरल के इसाई 94.8 फीसदी के साथ सबसे पढ़े लिखे हैं.

सिक्खों की जनसंख्या से जुड़े तथ्य:-
भारत में सिक्खों की कुल जनसंख्या 1.92 करोड़ है. देश की कुल जनसंख्या का सिक्ख 1.92 फीसदी हैं. देश में सिक्खों की जनसंख्या वृद्धिदर तेजी से कम हो रही है. इनकी दशकीय वृद्धिदर देश में सबसे कम है. पंजाब में 59.9 फीसदी के साथ सबसे ज्यादा सिक्ख हैं.

बौद्धों की जनसंख्या से जुड़े तथ्य:-
भारत में बौद्ध धर्म को मानने वालों की जनसंख्या 79 लाख है. कुल जनसंख्या में इनका योगदान 0.8 फीसदी है. दशकीय जनसंख्या वृद्धि सर्वाधिक इसी समुदाय की है. उत्तरांचल, त्रिपुरा और असम में बौद्धों की जनसंख्या सबसे ज्यादा तेजी कम हुई है.Wizard Samanya Adhyayan (IAS Prelim Question Analysis)


जैनों की जनसंख्या से जुड़े तथ्य:-
भारत के सभी धर्मावलंबियों में जैन समुदाय के लोगों की जनसंख्या सबसे कम है. लेकिन साक्षरता और महिला साक्षरता में ये देश में नंबर एक पोजिशन पर है. 1981-191 के तुलना में 1991-2001 में इनकी दशकीय वृद्धिदर सबसे कम 26.0 फीसदी दर्ज की गई है.  

Note:-दोस्तों अगर आपको लगता है कि ये इंफार्मेशन आपके काम की है तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर कर अपने दोस्तों तक पहुंचाएं. आप जिस भी ग्रुप से जुड़े हुए हैं उसमें जरुर शेयर करें. शेयर करने में कोई पैसा नहीं लग रहा. वैसे भी ज्ञान बांटने से बढ़ता है.

Saturday, 18 February 2017

ज्यादा पढ़ाकू छात्रों को IAS क्यों नहीं चुनता UPSC? जरूर पढ़ें

दोस्तों हमारी टीम का मकसद सिर्फ आप लोगों का मार्गदर्शन करना नहीं है बल्कि वो गुढ़ बातें भी आपसे साझा करना है जिसकी वजह से सलेक्शन के चांसेज बहुत बढ़ जाते हैं. पिछले लेख में हमने आपको बताया कि IAS की तैयारी के लिए शुरुआत कैसे करें? (यहां पर Click करके आप पहला लेख पढ़ सकते हैं) जिसमें हमने आपको विस्तार से समझाने की कोशिश की. आइए अब तैयारी के पहले पड़ाव को विस्तार से समझते हैं. अगर आप इस पड़ाव के एक-एक बिन्दु को गहराई से समझ गए तो यकीन मानिए आपके सलेक्शन के चांसेज दूसरे की तुलना में 50 गुना बढ़ जाएंगे. आजमाया हुआ फॉर्मूला है, लिहाजा आप भी आजमा सकते हैं.

दरअसल, IAS की तैयारी शुरु करने से पहले हमें ये समझने की जरुरत है कि वो कौन-सी संस्था है जो हर साल IAS, IPS, IFS और Group-A और Group-B के लिए Officers का चयन करती है. हम ऐसा क्यों कह रहे हैं? इसके पीछे भी लॉजिक है. दरअसल, जबतक आपको अपने दुश्मन का सही पता नहीं होगा आप उससे लड़ने के लिए जरुरी साजो-सामान से लेकर सही रणनीति नहीं बना पाएंगे. मसलन, अगर हमें पाकिस्तान से लड़ना है तो हमारी तैयारी अलग होगी, अगर चीन से लड़ना है तो तैयारी अलग होगी. लेकिन अगर अमेरिका और रूस से लड़ना है तो तैयारी का स्तर और साजो सामान बिल्कुल अलग होगा.

मतलब दुश्मन जितना बड़ा है तैयारी उतनी ज्यादा मजबूत होगी. PCS, SSC, BANK और One Day Examinations की नौकरी के लिए रणनीति बिल्कुल अलग होगी, ठीक उसी प्रकार जैसे पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान से लड़ने के लिए रणनीति होगी. लेकिन IAS की रणनीति बिल्कुल अलग. आप ये समझ लीजिए की जिस तरह से महाशक्ति बनने के लिए किसी भी देश के लिए अमेरिका को हराना जरुरी है, ठीक उसी प्रकार से देश की सबसे बड़ी नौकरी यानी IAS बनने के लिए आपको देश के सबसे ताकवतर संस्था UPCS (IAS बनाने के लिए देश में यही एक मात्र संस्थान हैं, लिहाजा छात्रों के लिए ये ही सबसे ताकतवर संस्थान है) को हराना ही होगा. हराने का मतलब है UPSC ने आपको रोकने के लिए जो प्रश्न पत्र तैयार किया है आपको उसका तोड़ निकालना होगा.


अच्छा एक आसान से सवाल का जवाब दीजिए. आपके IAS बनने में सबसे बड़ी बाधा कौन है? आपके मन में बहुत से जवाब आएंगे? लेकिन आपका ध्यान कभी भी इस बात पर नहीं जाएगा कि आपके सामने सबसे बड़ी बाधा UPSC है. UPSC ही आपको IAS बनने से रोक रहा है, बाकि कोई ऐसा नहीं है जो आपको रोक रहा है. 

दरअसल, जिस दिन आप ये समझ जाएंगे कि यूपीएसपी IAS उम्मीदवार के सलेक्शन के लिए परीक्षा नहीं लेता बल्कि उम्मीदवारों को छांटने के लिए परीक्षा लेता है उसी दिन से आपकी रणनीति बदल जाएगी. जी हां इस बात को गहराई से समझ लीजिए कि UPSC उन संभावित उम्मीदवारों को परीक्षा के माध्यम से छांट देता है जिसमें दूसरे के मुकाबले IAS बनने की क्षमता जरा भी कम होती है. इसका मतलब ये हुआ कि UPSC किसी भी छात्र को तुलनात्मक रूप से छांटता है. यही वजह है कि हर साल कमीशन की मेरिट अलग-अलग होती है. ऐसा नहीं है कि कमीशन ने एक लक्ष्मण रेखा खींच रखी है जो उसे पास करेगा उसे मसूरी का टिकट मिलेगा (जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि UPSC की परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को ट्रेनिंग के लिए Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration (LBSNAA), Mussoorie, Uttarakhand भेजा जाता है.


आपको ये समझना होगा कि IAS बनने की क्षमता सभी में होती है, किसी में कम किसी में ज्यादा. ये बात कमीशन भी जानता है. इसीलिए आप देखेंगे कि उसने सिविल सर्विसेज परीक्षा के लिए सिर्फ ग्रेजुएशन ही शैक्षिक योग्यता मांगी है. और इतना नहीं वो उम्मीदवार भी इस परीक्षा के लिए अप्लाई कर सकता है जो Third division पास हुआ हो. इससे साफ है कि कमीशन को ऐसे लोग नहीं चाहिए जो सिर्फ पढ़ाकू हों. अगर ऐसा होता तो कमीशन के लिए IAS चुनना बहुत आसान हो जाता. वो सिर्फ देश के चुनिंदा कॉलेज से उन लोगों को आवेदन के लिए मौका देता जो अपनी यूनिवर्सिटी के टॉपर होते. लेकिन ऐसा नहीं है तो ये निष्कर्ष है कि कमजोर छात्र भी IAS बन सकता है बशर्ते वो कमीशन के पैरामीटर पर खरा उतरता हो. कमीशन का पैरा मीटर क्या है? किस आधार पर कमीशन किसी को मसूरी का टिकट देता है? और किस आधार पर वो उसे रेस से बाहर कर देता है. अगले लेख में आपको बताएंगे. तबतक आप दूसरे लेख को पढ़िए.  

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Tuesday, 14 February 2017

IAS में इस Topic से Question आना तय, जरुर तैयार कर लें

  • Important  Facts about president of India election 2017.
  • Important Topic for Polity in IAS, PCS, SSC Exam.
  • Kaise hota hai Bharat mei Rastrapati ka chunav, jane puri prakriya. 
  • Rastrapati chunav mei kyu UP hai Very Important.


दोस्तों परीक्षा कोई भी हो अगर आप सही रणनीति से पढ़ाई कर रहे हैं तो एक अच्छी तैयारी के बाद ये जान जाते हैं कि सवाल किस टॉपिक से आनेवाला है. इसी क्रम में आनेवाले IAS, PCS, SSC EXAM के लिए एक टॉपिक बहुत अहम है वो है पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव. इस टॉपिक से आपको IAS, PCS और SSC की परीक्षा में एक सवाल जरुर मिलेगा. ये सवाल किस तरह का होगा? उसकी प्रकृति क्या होगी? सवाल में क्या पूछा जा सकता है आज हम इसी का विश्लेषण कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर विधानसभा चुनाव मोटे तौर पर दो बिन्दुओं पर अहम हो जाते हैं. पहला, इन राज्यों के निवासियों के लिए ये चुनाव इसलिए जरुरी हैं क्योंकि उन्हें एक ऐसी सरकार चुननी है जो उनका भला कर सके. जबकि दूसरे बिन्दु पर ये चुनाव प्रतियोगी छात्रों के लिए भी अहम हो जाते हैं. उनके लिए ये जानना जरुरी है कि ये चुनाव उनके लिए क्या मायने रखते हैं? मसलन, इन चुनावों से प्रतियोगी परीक्षाओं में क्या सवाल बन सकते हैं. प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिहाज से भी ये देखने की जरुरत हैं कि सवालों की प्रकृति क्या हो सकती है? करेंट अफेयर्स के लिए भी ये चुनाव अहम हो जाते हैं. यकीन मानिए आपको प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के साथ ही निबंध में भी इस टॉपिक से सवाल जरुर मिलेंगे.

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के छात्रों के लिए ये जानना जरुरी है कि कभी भी चुनाव से पॉलिटिकल सवाल नहीं बनते हैं. सवाल संवैधानिक बिन्दुओं, करेंट अफेयर्स, भूगोल से जुड़े, जनसंख्या से जुड़े, वोटरों से जुड़े हो सकते हैं. मसलन आपसे ये सवाल कभी नहीं पूछा जाएगा कि अखिलेश यादव ने किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, बल्कि सवाल ये बन सकता है कि अखिलेश यादव यूपी विधानसभा के सदस्य हैं या फिर विधान परिषद के. यूपी में विधान परिषद की कितनी सीटें हैं? इसी तरह से आपसे ये नहीं पूछा जाएगा कि यूपी में मुस्लिम बाहुल्य कितनी सीटें हैंबल्कि सवाल ये बन सकता है कि यूपी का वो कौन-सा जिला है जहां मुस्लिम जनसंख्या सबसे ज्यादा हैइसी तरह से आपसे ये सवाल नहीं पूछा जाएगा कि यूपी में पहले चरण में कितने उम्मीदवार थे, जबकि सवाल ये बन सकता है कि यूपी में चुनाव कितने चरणों में हुए?

अब आप समझ गए होंगे कि पांच राज्यों के चुनाव से आपको सवाल क्या तैयार करना है. नीचे हम बिन्दुवार मोटेतौर पर कुछ तथ्य दे रहे हैं जो कि पांच राज्यों के चुनाव में करेंट अफेयर्स और पॉलिटी के लिहाज से Very Important हैं. खासतौर से ये बिन्दु मुख्य परीक्षा और निबंध में भी काफी मदद कर सकते हैं.


  • केंद्र की बीजेपी सरकार के लिए पांच राज्यों के चुनाव सरकार बनाने से ज्यादा राष्ट्रपति चुनाव के लिहाज से बहुत अहम हैं. खासतौर से कुल 690 विधानसभा सीटों और खासकर उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के नतीजे ये तय कर देंगे कि जुलाई 2017 में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव में मोदी सरकार की स्थिति क्या होगी?
  • संविधान में राष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की भूमिका साफतौर से बताई गई है. इसके मुताबिक राष्ट्रपति का इलेक्शन एक निर्वाचक मंडल करेगा.
  • संविधान के अनुच्छेद-54 के अनुसार इस निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्यों और दिल्ली और पुदुचेरी समेत सभी राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों को शामिल किया गया है.
  • संविधान का अनुच्छेद-55 कहता है कि राष्ट्रपति के निर्वाचन में सभी राज्यों के प्रतिनिधित्व के पैमाने में समानता होनी चाहिए.
  • राज्यों के स्तर पर और संघ के स्तर ये एकरूपता लाने के लिए चुनाव में संसद और विधानसभाओं के प्रत्येक निर्वाचित सदस्य के वोट का मूल्य स्पष्ट करने के लिए संविधान में एक Formula दिया गया है.
  • इस Formula के मुताबिक किसी State की विधानसभा के प्रत्येक निर्वाचित सदस्य के वोट का मूल्य पता करने के लिए सबसे पहले उस प्रदेश की आबादी को वहां के कुल निर्वाचित विधायकों की संख्या से विभाजित किया जाता है. इससे जो संख्या मिलेगी उसे फिर 1000 से विभाजित किया जाएगा. अब जो नंबर आएगा वही उस राज्य के एक विधायक के वोट का मूल्य होगा.
  • इसी तरह सांसदों के वोट का मूल्य पता करने के लिए सबसे पहले सभी राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों के वोटों का मूल्य जोड़ा जाएगा. इस मूल्य को राज्यसभा और लोकसभा के निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या से विभाजित किया जाएगा. इससे जो संख्या प्राप्त होगीवही एक सांसद के वोट का मूल्य होगा.
  • खास बात ये है कि सभी गणनाएं 1971 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर की जाएंगी. ये चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर एकल हस्तांतरणीय मत से होता है.
  • इस Formula के तहत सभी राज्यों के विधायकों के वोटों के मूल्य अलग-अलग होंगे. मसलन, सिक्किम में एक विधायक के वोट की कीमत सबसे कम यानी 7 है. क्योंकि वहां कि जनसंख्या और विधानसभा सदस्य कम हैं. जबकि अरुणाचल प्रदेश के एक विधायक की कीमत 8मिजोरम के एक विधायक की कीमत 8 और नागालैंड के एक विधायक की कीमत 9 हैं.
  • इससे साफ है कि छोटे राज्यों के कुल विधायकों के वोटों का मूल्य भी कम ही होगा. उदाहरण के लिए- अरुणाचल प्रदेश में सभी विधायकों के वोटों का मूल्य 480, मिजोरम में 320 और नागालैंड में 540 है.
  • अब जब हम उत्तर प्रदेशमहाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की बात करते हैं तो नजारा बदल जाता है. यूपी में कुल 403 विधायक हैं और एक विधायक के वोट की कीमत 208 है. इस लिहाज से सभी विधायकों के वोटों की कुल कीमत 83824 बनता है.
  • इसी तरह से महाराष्ट्र के पास 50400, पश्चिम बंगाल के पास 44394 वोट हैं.
  • 2012 के राष्ट्रपति चुनाव में निर्वाचक मंडल में 4120 विधायक और 776 सांसद शामिल थे. सभी विधायकों के वोटों का मूल्य 549474 था. वहीं देश में सभी 4896 सांसदों और विधायकों के वोटों का कुल मूल्य 1098882 था.
  • 2012 राष्ट्रपति के चुनाव में दो उम्मीदवारों प्रणब मुखर्जी और पी संगमा के बीच सीधा मुकाबला था. कुल पड़े वोटों की कीमत करीब 10.50 लाख थीजिसमें से प्रणब मुखर्जी को 7.13 लाख वोट मिले थेजो कि राष्ट्रपति बनने के लिए जरूरी मतों से काफी अधिक था.
  • अब अगर 2017 के राष्ट्रपति चुनाव की बात करें तो जुलाई में अगर मोदी सरकार अपने उम्मीदवार को राष्ट्रपति चुनाव में जीताना चाहती है तो उसे कम से कम 5.5 लाख वोट का जुगाड़ करना होगा.
  • इस समय जिन पांच राज्यों में चुनाव चल रहे हैं उनमें यूपी सबसे बड़ा सूबा है. राष्ट्रपति चुनाव के मद्देनज़र भी यूपी के पास देश में सबसे ज्यादा वोट हैं.
  • राष्ट्रपति चुनाव में उत्तर प्रदेश के विधायकों के वोटों का मूल्य 83824 बनता है. ये देश के कुल वोटों के मूल्य का करीब 8है.
  • अगर July 2017 में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव से पहले बीजेपी और उसके सहयोगी दल ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतते हैं तो वो अपने मर्जी का राष्ट्रपति चुन सकते हैं नहीं तो उन्हें विपक्ष का मुंह देखना पड़ेगा.
  • यही वजह है कि बीजेपी को यूपी में पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी होगी क्योंकि यूपी के अलावा जिन राज्यों में चुनाव हो रहे हैं वो ना सिर्फ छोटे हैं बल्कि उनकी वोट की हिस्सेदारी भी कम है. मसलन, राष्ट्रपति चुनाव में गोवा के पास 800, मिजोरम के पास 320 और उत्तराखंड के खाते में 4480 वोट हैं. हालाकि पंजाब के पास 13572 हैं.
  • पांच राज्यों में चुनाव से पहले मोदी सरकार के पास करीब 4.5 लाख वोट होने का अनुमान है. वहीं UPA के पास करीब 2.3 लाख वोट हैं. NDA को ये बढ़त महाराष्ट्रएमपीगुजरात,राजस्थानझारखंडहरियाणा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने से मिली है. लेकिन अपने मर्जी का राष्ट्रपति बनाने के लिए ये काफी नहीं है, इसीलिये पांच राज्यों के चुनावों खासतौर से यूपी चुनाव की अहमियत बढ़ जाती है.
  • उत्तर प्रदेशबिहारपश्चिम बंगालतमिलनाडु और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों में NDA के पास बहुमत नहीं है. तमिलनाडु के पास 41184 वोट हैं. लेकिन वहां पर राजनीतिक अस्थिरता है. हालांकि अगर तमिलनाडु के वोट NDA के साथ गए तो उनके पास करीब पांच लाख वोटों का जुगाड़ हो जाएगा. 
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