Wednesday, 10 January 2018

IAS के पैटर्न पर होगी PCS की परीक्षा, बदलाव से फायदा है या नुकसान-विश्लेषण

IAS के पैटर्न पर होगी UPPCS 2018 की परीक्षा। परीक्षा के पैटर्न में तीन बड़े  बदलाव किए जा सकते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में कोई बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं, लेकिन निगेटव मार्किंग लागू होगी। मुख्य परीक्षा में आमूलचूल परिवर्तन होने की खबर है। मुख्य परीक्षा करीब-करीब IAS एक्जाम के पैटर्न पर ही होगी। यानी अब आपको IAS और PCS की परीक्षा के लिए अलग-अलग तैयारी करने की जरूरी नहीं पड़ेगी। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने पहले ही UPPCS 2018 प्रारंभिक परीक्षा की तारीख 24 जून 2018 घोषित कर रखी है।

UP PCS परीक्षा में क्या-क्या हो सकते हैं अहम बदलाव?

(A) प्रारंभिक परीक्षा में बदलाव:-

(i) प्रारंभिक परीक्षा में सबसे बड़ा बदलाव ये होगा कि अब IAS की तरह पीसीएस में भी निगेटिव मार्किंग होगी। यानी एक सवाल गलत करने पर आपके 0.33 (1/3) नंबर काट लिए जाएंगे। इससे साफ है कि प्रारंभिक परीक्षा की मेरिट अब कम जाएगी। तुक्केबाज़ों के दिन अब लद जाएंगे। सिर्फ वही छात्र प्रारंभिक परीक्षा पास कर पाएगा जो सीरियस होकर पढ़ाई करेंगे। 
निगेटिव मार्किंग का एक फ़ायदा ये भी होगा कि नकलबाजों पर खुद ही लागाम लग जाएगी क्योंकि नकल के दौरान अभी तो लोग ये सोचकर दूसरे की बात मान लेते थे कि चलो सवाल गलत तो हो रही रहा है अगर नकल से एक दो सवाल ठीक हो गए तो सफल होने के चांसेज बढ़ जाएंगे। लेकिन अब अगर नकल करेंगे तो नुकसान हो सकता है। क्योंकि नकल करानेवाला छात्र जानबूझकर आपके सवाल गलत करवा सकता क्योंकि निगेटिव मार्किंग से आपके नंबर कम हो जाएंगे। 

(ii) निगेटिव मार्किंग के अलावा प्रारंभिक परीक्षा में कुछ भी बदलाव नहीं होंगे क्योंकि प्रारंभिक परीक्षा पहले से ही IAS की तर्ज पर हो रही है। प्रारंभिक परीक्षा में मेरिट का मुख्य आधार प्रथम प्रश्न पत्र यानी सामान्य अध्ययन ही होगा। CSAT  का दूसरा पेपर अभी भी क्वालीफाइंग ही रहेगा। यानी आपको सिर्फ इस पेपर में पासिंग नंबर ही प्राप्त करने होंगे। लेकिन यहां भी निगेटिंव मार्किंग होगी इसलिए बिना पढ़े जाएंगे तो मेरिट से बाहर होने के चांंसेज पहले 50 गुना बढ़ जाएंगे। तो होशियार रहें। और CSAT पर भी ध्यान देते रहें।

(B) मुख्य परीक्षा में बदलाव:-

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग PCS 2018 की मुख्य परीक्षा में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। सही मायने में अब मुख्य परीक्षा IAS के पैटर्न पर ही होगी। आइए आपको बिन्दुवार समझाते हैं कि मुख्य परीक्षा में क्या-क्या बदलाव होंगे? और ये बदलाव आपके लिए फायदेमंद है या नुकसानदेह।

(i)- मुख्य परीक्षा में 2 की जगह 1 विषय होंगे:-
अभी तक PCS की मुख्य परीक्षा में दो वैकल्पिक विषय होते थे। इसको लेकर प्रतियोगी छात्रों की शिकायत ये थी कि स्केलिंग में इससे कुछ छात्रों को फ़ायदा होता है तो कुछ को नुकसान। कुछ विषय में अच्छे नंबर मिलते हैं तो कुछ में औसत। इसी वजह से विज्ञान और बीटेक के छात्र भी अपने विषय बदल लेते थे और अच्छे नंबर पाकर सलेक्शन पा जाते थे। लेकिन अब जब मुख्य विषय में एक ही विषय होगा तो स्केलिंग का बहुत ज्यादा फायदा या नुकसान किसी छात्र को नहीं होगा। हालाकि एक विषय में भी स्केलिंग पद्धति लागू रहेगी।

(ii)-सामान्य अध्ययन के 2 पेपर की जगह होंगे 4 पेपर:-
IAS की तरह ही PCS में भी अब सामान्य अध्ययन के चार पेपर होंगे। आयोग इसका सलेबस PCS Notification 2018 के साथ ही जारी करेगा। लेकिन माना जा रहा है कि सैलेबस भी IAS के पैटर्न पर ही होगा।  

(iii)- सामान्य अध्ययन के चारों पेपर होंगे डिस्क्रेप्टिव (सब्जेक्टिव):-
यानी अब आपको सवालों के उत्तर लिखने होंगे। जबकि अभी तक मुख्य  परीक्षा में भी सामन्य अध्ययन के दो पेपर ऑब्जेक्टिव होते थे। जिसमें आपको प्रारंभिक परीक्षा की तरह चार में एक सही उत्तर चुनना होता था।

सब्जेक्टिव होने का फ़ायदा सीरियस छात्रों को मिलेगा और नकल करके मेरिट में आऩेवाले छात्रों को नुकसान होगा। हालाकि इसके लिए आयोग को भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। उसे अच्छे विशेषज्ञों को चुनना होगा जो ना सिर्फ स्तरीय पेपर बनाए बल्कि तेजी से कॉपी भी चेक करें। क्योंकि आयोग पहले भी मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन का पेपर सब्जेक्टिव लेता रहा है लेकिन कॉपी चेक करने में लेटलटीफी के चलते ही उसे मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन का पेपर ऑब्जेक्टिव करना पड़ा था, ताकि कॉपी OMR शीट की वजह से जल्दी चेक हो जाए और लेट सेशन सही हो जाए।

(iv) इंटरव्यू 200 की जगह सिर्फ 100 नंबर का ही होगा:-

उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग पर ये आरोप लगता रहा है कि पीसीएस इंटरव्यू में पैसे चलते हैं। अखिलेश सरकार में ये आरोप एक जाति विशेष को लेकर लगने लगे थे कि इंटरव्यू में उन्हें जानबूझकर ज्यादा नंबर दिए गए ताकि अगर मुख्य परीक्षा में कम नंबर भी हो तो इंटरव्यू के नंबर के आधार पर सेलेक्शन हो जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इंटरव्यू को 200 की जगह अब 100 नंबरों का करने का फैसला किया है। इसका फायदा सीधे तौर उन छात्रों को मिलेगा जो टैलेंटेड हैं और मुख्य परीक्षा में अच्छे नंबर पाने के बावजूद इंटरव्यू में बेईमानी के शिकार हो जाते थे। 

(v) निबंध और सामान्य हिन्दी के प्रश्न-पत्र में कोई बदलाव नहीं:-
निबंध और सामान्य अध्ययन के पेपर में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। वो पहले की तरह ही होंगे और मेरिट में इसके नंबर जुड़ेंगे।

तो अब आप समझ गए होंगे कि नया पैटर्न आपके लिए फायदेमंद या नुकसानदेह। निश्चिततौर नए छात्रों के लिए ये पैर्टन फायदेमंद है और पुराने छात्रों के लिए पैटर्न नुकसाानदेह क्योंकि उन्हें एक नए सिरे से मुख्य परीक्षा की तैयारी करनी होगी क्योंकि पुराने छात्रों में से ज्यादातर ऐसे हैं जिनकी IAS की उम्र निकल चुकी है।

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