Thursday, 1 June 2017

IAS TOPPER नंदिनी की सफलता की पूरी कहानी

देश को एक बार फिर नया आईएएस टॉपर (IAS TOPPER) मिल गया है। इस बार इस टॉपर का नाम है नंदिनी केआर (Nandini KR, IAS TOPPER 2017)। ऐसा नहीं है कि नंदनी ने पहले प्रयास में UPSC में सफलता हासिल की है। इससे पहले वो 2014 में IRS के लिए सलेक्ट हुईं थीं। अभी वो फरीदाबाद के राष्ट्रीय सीमा-शुल्क, उत्पादन शुल्क व नारकोटिक्स अकादमी ( National Academy of Customs, Excise and Narcotics in Faridabad) में ट्रेनिंग ले रही हैं। अपने चौथे प्रयास में नंदिनी ने वो मुकाम हासिल किया जिसके सपने तो सभी देखते हैं लेकिन पहुंचता साल में सिर्फ एक है। 2016 में दिल्ली की टीना डाबी ने ये मुकाम हासिल किया था। 2015 में दिल्ली की दिव्यांग इरा सिंघल टॉपर बनीं थीं। जबकि 2014 में राजस्थान के गौरव अग्रवाल ने इस परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया था।

नंदिनी मूलरूप से दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के कोलार की रहनेवाली है। वहीं कोलार जो सोने की खान के लिए मशहूर है। 15 SEPTEMBER 1990 (27 साल) को पैदा हुई नंदिनी ने कोलार जिले से ही शिक्षा दीक्षा ली। उनके पिता रमेश सरकारी स्कूल में हाईस्कूल के टीचर हैं और मां गृहणी। नंदनी अति पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखती हैं। सबसे खास बात ये है कि नंदिनी की बचपन की पढ़ाई कन्नड़ भाषा में हुई। लेकिन उन्होंने अपनी स्कूलिंग St. Joseph Convent Girls High School से पूरी की। नंदिनी ने कन्नड साहित्य से आईएएस परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया।  16 साल पहले कर्नाटक की रहनेवाली विजयलक्ष्मी बिदारी (Vijayalakshi Bidari) ने भी कन्नड साहित्य से IAS में पहली रैंक हासिल की थी।

नंदिनी की सफलता एक आम छात्र की सफलता है। वो कोई बचपन से टॉपर नहीं रहीं। लेकिन वक्त के साथ उन्होंने पढ़ाई पर ध्यान दिया। अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने बैंग्लुरू के prestigious M S Ramaiya Engineering College से Civil Engineering में B. Tech किया। इसके बाद कुछ दिनों तक उन्होंने कर्नाटक के PWD विभाग में सरकारी इंजीनियर की नौकरी की लेकिन उन्हें ये नौकरी रास नहीं आई। क्योंकि बचपन से ही उन्होंने सपना कुछ और करने का देखा था। वो सपना था IAS बनने का।

IAS की परीक्षा में नंदिनी को पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली। साल 2014 के दूसरे प्रयास में उनकी रैंकिंग 849 थीं। वो IRS (Customs and Central Excise) के लिए चुनी गईं। सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने दिल्ली की Vajiram and Ravi कोचिंग को ज्वाइन किया था। नंदिनी के मुताबिक कड़ी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही उनकी सफलता का राज है। वो अपने माता-पिता को आपना आदर्श मानती हैं। नंदिनी का सपना है कि वो महिलाओं को सशक्त बनाने में अपना योगदान दे।  

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